रक्षाबंधन पर निबंध

Essay on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध ( Essay On Raksha Bandhan ): आज इस पोस्ट के माध्यम से हम लेकर आये हैं बेहद ही सरल और कम शब्दों में भारतीय पर्व रक्षा बंधन पर निबंध हिंदी में। इसका उपयोग कक्षा 1 से 12 तक के छात्र एवं छात्रायें कर सकते हैं।

प्रस्तावना

रक्षा बंधन भाई और बहन के बीच एक पवित्र रिश्ते का त्यौहार है। भाई बहन के प्यार के प्रतीक इस त्यौहार को राखी का त्यौहार भी कहा जाता है।इसे संपूर्ण भारत-वर्ष में बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह त्यौहार भारत में मनाए जाने वाले सभी महा पर्वों में से एक है। इस दिन बहन अपने भाई को रक्षासूत्र या रखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा करने का वचन देता है। रक्षाबंधन के इस त्यौहार में परस्पर एक-दूसरे के प्रति रक्षा और सहयोग की भावना निहित है।

रक्षा-बंधन का महत्व

भाई और बहन के बीच प्यार और स्नेह को किसी एक दिन से प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है, पर रक्षा बंधन का त्यौहार अपने धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्वों के कारण ही इतना महत्वपूर्ण बना है। रक्षा-बंधन के दिन राखी बांधने की बहुत पुरानी परंपरा है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है, और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। यह एक ऐसा त्यौहार है जो पारिवारिक बंधनों के एकता और मजबूती को दर्शाता है। कहा जाता है कि इस दिन भाई अपनी बहन की आजादी, उसका सम्मान और रक्षा की प्रतिज्ञा लेता है।

रक्षा-बंधन के महत्व को समझने के लिए सबसे पहले इसके अर्थ को समझना होगा। “रक्षाबंधन” रक्षा+बंधन दो शब्दों से मिल कर बना है, अर्थात एक ऐसा बंधन जो रक्षा का वचन ले। इस दिन भाई अपनी बहन के दायित्वों का वचन अपने ऊपर लेता है।
आज के समय में रक्षा बंधन को केवल भाई बहन का रिश्ता स्वीकारना उचित नहीं होगा। राखी का अर्थ है, श्रद्धा व विश्वास का धागा। यह राखी बांधने वाले व्यक्ति के दायित्वों को स्वीकारता है। उस रिश्ते को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश करता है। अब राखी देश की रक्षा, पर्यावरण की रक्षा, धर्म की रक्षा, हितों की रक्षा आदि के लिए भी बांधी जाने लगी है।

विश्वकवि रवींद्रनाथ ने इस पर्व पर बंग-भंग के विरोध में जनजागरण किया था और इस पर्व को एकता और भाईचारे का प्रतीक बनाया था। प्रकृति की रक्षा के लिए वृक्षों को राखी बांधने की परंपरा भी शुरू हो चुकी है। रक्षाबंधन का महत्व आज के समय में इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि आज मूल्यों के क्षरण के कारण सामाजिकता सिमटती जा रही है। यह पर्व आत्मीय बंधन को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ हमारे भीतर सामाजिकता का भी विकास करता है।

रक्षाबंधन का ऐतिहासिक महत्व

इस पावन पर्व का ऐतिहासिक महत्व हमारे पुराणों में भी देखने को मिलता है। जब देव और दानवों के बीच युद्ध हुआ, तो दानवों ने देवों को पराजित कर दिया, इसके पश्चात घबरा कर देव इंद्र भगवान बृहस्पति के पास पहुंचे और उन्हें अपनी सारी व्यथा बताई। ये बाते इंद्र की पत्नी सुन रहीं थीं, उन्होंने अपनी और देवों की सेना की रक्षा के लिए भगवान बृहस्पति को रक्षा सूत्र बाधा। ये दिन श्रावण मास की पूर्णिमा का था। तब भगवान बृहस्पति ने देवों की दानवों से रक्षा की थी।

इतिहास में भी रक्षा बंधन का प्रमाण मिलता है, मध्यकालीन युग में जब राजपूतों और मुगलों में युद्ध छिड़ा हुआ था, तब महारानी कर्मावती ने मुगलों के राजा हुमायूँ को राखी भेजी और अपनी रक्षा की याचना की थी, हुमायूँ ने मुसलमान होते हुए भी कर्मावती की रक्षा की और राखी की लाज रखी, और उन्हें अपनी बहन का दर्जा दिया।

सिकंदर की पत्नी ने उसके शत्रु पुरु को राखी बांध कर उसे अपना भाई बना लिया और युद्ध के समय सिकंदर को न मारने का वचन लिया। पुरु ने युद्ध के दौरान हाथ में बंधी राखी का सम्मान करते हुए सिकंदर को जीवन दान दे दिया था।

कब और कैसे मनाते हैं रक्षाबन्धन

रक्षाबंधन के दिन बहन भाई के लिये एक थाली में मिठाई, नारियल, फल, राखी, और चावल, कुमकुम रखकर उसका तिलक करके उसको मिठाई खिलाकर अपने हाथों से रेशम की डोरी उसके हाथ में बांधती है। इस तरह सारे भारत में राखी का त्यौहार मनाया जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसे अपने प्यार में बांधती है। भाई को वह राखी हमेशा अपने बहन की याद और रक्षा करने का वचन याद दिलाती है। इस तरह यह त्यौहार पूरे रीति रिवाज के साथ मनाया जाता है। राखी का त्यौहार निश्छल प्रेम का प्रतीक है।

निष्कर्ष

भाई बहन के बीच यह पवित्र रिश्ता मात्र एक विशेष दिन का मोहताज नहीं है। भाई बहन के बीच प्रेम और स्नेह का भाव तो हमेशा ही बना रहना चाहिए। आज के समाज में हम देखें तो हमारी बहनें बाहर ही नहीं घर में भी सुरक्षित नही हैं, कई अज्ञानी लोग लड़की होने से पहले ही उसकी हत्या भ्रूण में ही करवा देते हैं। यदि बात केवल सुरक्षा की ही है तो हम इसे एक दिन ही क्यों? याद रखें त्यौहार मनाना अपनी जगह ठीक है, पर हमें अपने समाज को ही ऐसा बनाना चाहिए कि हमारी बहनों को किसी सुरक्षा की ज़रूरत ही न हो।

आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह Raksha Bandhan Par Nibandh आपको पसंद आया होगा।

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